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सरकंडा में पीड़ित महिला और परिवारजनों पर हमला : (BNS) की धारा 115(2),296,3(5),351(2) अपराध पंजीबद्ध

 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के अनुसार, जो कोई भी जानबूझकर किसी को चोट पहुँचाता है, तो उसे एक साल तक की कैद, या ₹10,000 तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह उस स्थिति को दर्शाता है जहाँ कोई व्यक्ति यह जानते हुए भी कोई ऐसा काम करता है, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति को चोट पहुँच सकती है, जैसे मारपीट या धक्का-मुक्की। 

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें या गाने से संबंधित है और इसके लिए तीन महीने तक की कैद, ₹1,000 तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक नैतिकता और शालीनता को बनाए रखना है। यह धारा सार्वजनिक स्थानों पर किए गए ऐसे कृत्यों को दंडित करती है जो दूसरों को परेशान करने के इरादे से किए जाते हैं। 
क्या है अपराध: 
कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करता है या अश्लील गाना, गाथागीत या शब्द गाता या सुनाता है। 
सजा: 
तीन महीने तक की कैद या एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों। 
उद्देश्य: 
सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता और अशांति को रोकना तथा सार्वजनिक नैतिकता बनाए रखना। 
कानूनी स्थिति: 
यह एक संज्ञेय और जमानती अपराध है, जिसका मतलब है कि पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है और आरोपी जमानत ले सकता है। 
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) का अर्थ है कि यदि कई व्यक्ति एक समान इरादे से कोई अपराध करते हैं, तो उनमें से हर एक व्यक्ति उस अपराध के लिए उसी तरह ज़िम्मेदार होगा जैसे कि उसने वह अपराध अकेले किया हो। इसका मतलब है कि अपराध में शामिल होने वाले सभी लोगों को, चाहे उनकी भूमिका कुछ भी हो, अपराध के लिए समान रूप से दोषी ठहराया जाएगा। यह सामूहिक और संगठित अपराधों से निपटने में महत्वपूर्ण है। 
  • समान इरादा: 
    यह धारा तब लागू होती है जब कई लोग मिलकर एक अपराध करने की योजना बनाते हैं और फिर उस योजना को अंजाम देते हैं।
    संयुक्त उत्तरदायित्व: 
    अपराध के लिए हर व्यक्ति को उसी तरह उत्तरदायी माना जाएगा जैसे कि उसने अकेले अपराध किया हो, भले ही उसने सीधे तौर पर अपराध में भाग न लिया हो। 
    उदाहरण: 
    यदि A, B, और C मिलकर चोरी की योजना बनाते हैं, A बाहर पहरा देता है, B चोरी करता है और C सामान ले जाने में मदद करता है, तो BNS की धारा 3(5) के अनुसार तीनों को चोरी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा। 
    संगठित अपराध: 
    यह धारा संगठित अपराधों से निपटने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सुनिश्चित करती है कि अपराध में शामिल हर सदस्य को उसके लिए जवाबदेह ठहराया जाए। 
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) 
भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 "आपराधिक धमकी" (Criminal Intimidation) के अपराध से संबंधित है। आसान भाषा में कहे तो, किसी व्यक्ति द्वारा आपको डराने या धमकाने के लिए धमकी देने या आपको ऐसा कार्य करने के लिए मजबूर करना जो आप नहीं करना चाहते। या धमकी देकर आपको ऐसा कुछ करने से रोकने की कोशिश करना है जिसे करने का आपको अधिकार है। ऐसे कार्यों को सेक्शन 351 में अपराध के रुप में बताया गया है।
बीएनएस धारा 351 की उपधारा (1): इसमें बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को उसके सम्मान या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है। उस व्यक्ति से संबंधित कुछ ऐसी बातें सार्वजनिक करने की धमकी देता है, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा (Social Standing) को नुकसान पहुँच सकता है। ऐसे अपराध करने वाले व्यक्ति पर 351 की उपधारा(1) के तहत कार्यवाही की जाएगी।
बीएनएस धारा 351 की उपधारा (2): इसके अंदर केवल BNS Section 35 (1) के अपराध की सजा (Punishment) के बारे में बताया गया है।


केस स्टडी सन्दर्भ : प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रमांक 1458, थाना सरकंडा, बिलासपुर  

प्रथम सूचना रिपोर्ट के तथ्य: मैं बंधवापारा सरकंडा में रहती हूं घरेलू काम करती हूं मेरी शादी सन 2019 में बंधवापारा सरकंडा निवासी #### साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुई है हमारे दाम्पत्य जीवन से 02 लड़की है, दिनांक 13.10.2025 को अपने ससुराल बंधवापारा से भागवत कार्यक्रम में शामिल होने चकरभाठा गई थी जो मेरे पति ##### के द्वारा मुझे दिनांक 15/10/2025 को शाम 04/00 बजे तक घर बंधवापारा बिलासपुर पहुंचे बोला था जो मैं अपने मायके से बंधवापारा दिनांक 16/10/2025 को दोपहर 01/30 बजे पहुंची तो मेरे पति #### घर में नहीं थे जिसे मेरे द्वारा उसके मोबाईल में फोन करने पर गेरा पति फोन नहीं उठाया तब में घर में लगे ताला को तोड़कर घर अंदर चली गई थी जो शाम करीबन 07:00 बजे मेरा पति घर आया और मुझे घर का ताला तोड़कर कैसे घर अंदर आ गई बोलते हुए मां बहन कि अश्लील गाली गलौच करने लगा जो में उस दिन चुपचाप सुनकर रह गई कि दिनांक 17/10/2025 को रात्रि करीबन 08/00 बजे मेरा पति #### घर आया और मुझे तुम्हारा भाई एवं तुम्हारा बाप यहां क्यों नहीं आये बोलते हुए मां बहन कि अश्लील गाली गलौच करते हाथ मुक्का से मारपीट किया एवं मेरे बांये हाथ को मरोड़ दिया था व मेरे बाल को खिंचकर मारपीट करने लगा तब मैं अपने भाई ##### को बुलाई तो मेरा भाई अपने कार ^^^^^^ में रात्रि करीबन 09:00 बजे भाई ****, जीजा *****, को लेकर मुझे लेने आये मैं अपने भाई के कार में बैठकर थाना सरकंडा आ रहे थे जो मेरा पति #### के द्वारा उसके कार के सामने शीशा को क्षतिग्रस्त कर दिया एवं मेरा जेठ ***** के द्वारा अपने लाल रंग के एल्टो कार से पीछे एवं साईड को क्षतिग्रस्त किया है उसके बाद मेरे जेठ के द्वारा अपने उक्त कार को ओव्हरटेक करके अशोक नगर चौक के पास हमारी कार को रोक दिये और मेरे जेठ ***, देवर ***** एवं उसके अन्य साथी लोग कार से उतरे और मेरे भाई ***, ****, जीजा ***** को मां बहन कि अश्लील गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ मुक्का एवं मोटर सायकल के चैन से मारपीट किये है. मारपीट से मेरे बांया हाथ एवं शरीर व सिर में दर्द है एवं मेरे भाई ***** के दोनो हाथ की उंगली, बांये कंधा में चोट लगा है एवं जीजा ****** के चेहरा, दाहिने हाथ की अंगुठा के नीचे चोट लगा है घटना को आसपास के लोग देखे सुने हैं कि रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही किया जाये मैं अपनी रिपोर्ट पढ़कर देखी मेरे बताये अनुसार लिखी गई है

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