Skip to main content

Followers

वाणिज्य एवं उद्योग

  


बिलासपुर संभाग में संचालित सभी वाणिज्य एवं औद्योगिक इकाइयों की जानकारी आपको  इस पेज में पढ़ने को मिलेगी  और नियमित तथा अनियमित शिक्षा व्यवसाईयों से  सम्बंधित सभी आधारभूत जानकारी इस पेज में प्राप्त कर सकतें है जैसे :-

  1. वाणिज्य एवं औद्योगिक इकाइयों के नाम 
  2. वाणिज्य एवं औद्योगिक इकाइयों  का  पता 
  3. वाणिज्य एवं औद्योगिक इकाइयों  के संचालकों  के नाम पद और दूरभाष 
  4. वाणिज्य एवं औद्योगिक इकाइयों की पंजीकृत स्थिति की जानकारी 
  5. नियमित तथा अनियमित वाणिज्य एवं औद्योगिक इकाइयों की जानकारी 
  6. वाणिज्य एवं औद्योगिक इकाइयों के व्यवसाईयों व श्रमिकों के अधिकारों को संरक्षित करने वाले नियम, कानून की जानकारी

Comments

  1. It was a really nice to reading blog post. I have been a huge fan of your blog posts for many years. Thanks for always being there :
    Oxygen Cylinder Price in BD
    Oxygen Concentrator price in bd

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

सरकंडा में पीड़ित महिला और परिवारजनों पर हमला : (BNS) की धारा 115(2),296,3(5),351(2) अपराध पंजीबद्ध

  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के अनुसार,  जो कोई भी जानबूझकर किसी को चोट पहुँचाता है, तो उसे एक साल तक की कैद, या ₹ 10,000 तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं ।  यह उस स्थिति को दर्शाता है जहाँ कोई व्यक्ति यह जानते हुए भी कोई ऐसा काम करता है, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति को चोट पहुँच सकती है, जैसे मारपीट या धक्का-मुक्की।   भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा   296   सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें या गाने से संबंधित है और इसके लिए तीन महीने तक की कैद, ₹1,000 तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है ।  इसका उद्देश्य सार्वजनिक नैतिकता और शालीनता को बनाए रखना है।  यह धारा सार्वजनिक स्थानों पर किए गए ऐसे कृत्यों को दंडित करती है जो दूसरों को परेशान करने के इरादे से किए जाते हैं।  क्या है अपराध :  कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करता है या अश्लील गाना, गाथागीत या शब्द गाता या सुनाता है।   सजा :  तीन महीने तक की कैद या एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों।  उद्देश्य :  सार्वजनिक स्थानों पर अश्ली...

चोरी : धारा - 331(4), 305(ए) बीएनएस

चोरी के 2 प्रकरणों को सुलझाने में सरकण्डा पुलिस को मिली सफलता। थाना - सरकंडा जिला - बिलासपुर (छ.ग.) अप.क्र. - 521/2025, धारा - 305(ए) बीएनएस अप.क्र. - 1431/2025, धारा - 331(4), 305(ए) बीएनएस दोनो प्रकरण में पृथक-पृथक मषरूका बरामद कर आरोपी को किया गया गिरफ्तार। आरोपी :- नाम #### उम्र 22 वर्ष निवासी अटल आवास नाग नागिन तालाब के पास बहतराई थाना सरकण्डा, जिला बिलासपुर (छ.ग.)  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) के अनुसार,  कोई भी व्यक्ति जो रात में (सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले) किसी भी ऐसे अपराध को करने के इरादे से गुप्त रूप से घर में घुसता है या सेंध लगाता है, जिसे कारावास से दंडनीय बनाया गया है, तो उसे 5 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है ।  यह एक संज्ञेय (cognizable) और गैर-जमानती (non-bailable) अपराध है।   भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305,  आवास, परिवहन के साधनों या पूजा स्थलों में चोरी से संबंधित है, और यह अपराध के लिए सात साल तक की कैद और जुर्माना का प्रावधान करती है ।  यह धारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 380 का स्थान लेती ह...

चाकू दिखाकर लूट : धारा 309(4),3(5) बीएनएस

सन्दर्भ : अप.क्र. 1197/2025, थाना सिविल लाईन  जिला बिलासपुर छ.ग. धारा 309(4),3(5) बीएनएस।  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) के अनुसार,  जो कोई भी डकैती करेगा, उसे 10 साल तक के कठोर कारावास और जुर्माने की सज़ा हो सकती है ।  यदि डकैती सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच राजमार्ग पर की जाती है, तो सज़ा को बढ़ाकर 14 साल तक किया जा सकता है।   भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) सामान्य आशय के सिद्धांत से संबंधित है।  इसके अनुसार,  जब कोई आपराधिक कार्य कई व्यक्तियों द्वारा एक सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति उस अपराध के लिए उसी तरह जिम्मेदार होगा जैसे कि उसने वह अपराध अकेले किया हो ।  इसका मतलब है कि यदि एक समूह के सभी सदस्य मिलकर कोई अपराध करते हैं, तो हर सदस्य को सामूहिक रूप से दोषी माना जाएगा, भले ही उसने अपराध में सीधा योगदान न दिया हो।   ♦ लूटपाट करने वाले ऑटो चालक को थाना सिविल लाईन पुलिस ने किया गिरफ्तार। आरोपीगणो से घटना मे प्रयुक्त ऑटो क्रमाॅक ^^^^^ किया गया जप्त। *नाम आरोपी:ः- * 01. #####...